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Friday, 9 October 2026

घोसियारी व कठमोरवा पीएचसी के आवास वर्षों से बंद, 40 गांवों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

दैनिक सत्ता मंत्र
खेसरहा। ग्रामीणों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए चिकित्सक आवास आज बदहाली का शिकार हैं। घोसियारी और कठमोरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) परिसर में करीब 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बने चिकित्सक आवास वर्षों से खाली पड़े हैं। रखरखाव के अभाव में भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र के लगभग 40 गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है।घोसियारी पीएचसी का निर्माण वर्ष 2008-09 तथा कठमोरवा पीएचसी का निर्माण 2011-12 में कराया गया था। चिकित्सकों के रात्रि विश्राम के लिए बनाए गए आवासों का शुरू से ही समुचित उपयोग नहीं हो सका। वर्तमान में भवनों की खिड़कियां और दरवाजे टूट चुके हैं, परिसर में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं और कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय चिकित्सक उपलब्ध न होने से गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। स्थानीय लोगों ने जर्जर आवासों की मरम्मत कर चिकित्सकों के रहने की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से मिल सकें।उधर कठमोरवा पीएचसी में नया ओपीडी भवन बन रहा है, लेकिन पुराने चिकित्सक आवास अब भी उपेक्षित हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवासों की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है और बरसात के बाद कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्सक आवास चालू होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

 

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asif.ali27march
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