सीधे खबरों पर जाएं
Friday, 9 October 2026

कुशीनगर में अलर्ट: गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा, महादेवा और सालिक पुर गांव बाढ़ प्रभावित

दैनिक बुद्ध का संदेश

कुशीनगर। जनपद में लगातार वर्षा और गंडक (नारायणी) नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार 27 सितंबर 2026 प्रातः 8रू30 बजे तक मेघगर्जन, वज्रपात और 40दृ50 किमी/घंटा की तेज हवाएं (झोंकों में 60 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना है।इस बीच, खड्डा तहसील के महादेवा और सालिक पुर गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। प्रशासन ने तत्काल राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था शुरू कर दी है। डीएम की अपील जिलाधिकारी संजय चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और केवल प्रशासन व मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और अफवाहों से बचना जरूरी है। अधिकारियों का निरीक्षण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचेरूएसडीएम डॉ. संतराज सिंह क्षेत्राधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव एडीएम (वित्त एवं राजस्व) पवन कुमार खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय नगर पंचायत छितौनी चेयरमैन अशोक निषाद राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग और सालिक पुर चौकी पुलिस स्टाफ ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, नदी किनारे न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। सालिक पुर चौकी पर राहत शिविर 26 सितंबर दोपहर 3रू00 बजे से सालिक पुर चौकी के पास बांध पर राहत शिविर संचालित किया गया है। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता।शिविर में उपलब्ध सुविधाएंरूपौष्टिक भोजन (दाल, चावल, सब्जी)शुद्ध पेय जल चारपाई एवं गद्दों के साथ रहने की व्यवस्था महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए सुरक्षित ठहराव राहत टीम की जिम्मे दारी10 लेखपालों की टीम को राहत व्यवस्था की निगरानी सौंपी गई है। धर्मेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, रामानंद यादव, मुमताज अहमद, मुख्तार अहमद, अजीत कुमार, राजू प्रजापति, गौरव सिंह, शशि भान सिंह।यह टीम प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल एवं राहत सामग्री पहुंचाने और शिविर संचालन की जिम्मेदारी निभाएगी।डीएम की एडवाइजरी मौसम की जानकारी नियमित रूप से प्राप्त करें।तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और जर्जर भवनों से दूर रहें।मेघगर्जन व वज्रपात के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें।नदियों, नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें।टूटे हुए बिजली के तारों को न छुएं।किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

लेखक
asif.ali27march
सभी खबरें देखें

संबंधित खबरें

टिप्पणियां

अपनी टिप्पणी लिखें

Your email address will not be published. Required fields are marked *