मां ने सीने से लगाकर बचाने की कोशिश की, फिर भी नहीं बची डेढ़ साल की लक्ष्मी ततैयों (मधुमक्खी) के हमले में मौत
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खेसरहा। टीकाकरण कराकर मां के साथ घर लौट रही डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची पर ततैयों के झुंड ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची की मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान शनिवार रात मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।खेसरहा थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव निवासी धर्मराज मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शनिवार दोपहर उनकी पत्नी इंद्रावती अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी लक्ष्मी को लेकर गांव के पूरब स्थित कंपोजिट विद्यालय के पास बने एएनएम केंद्र पर टीकाकरण कराने गई थीं। टीका लगवाने के बाद वह बेटी को गोद में लेकर घर लौट रही थीं।इसी दौरान रास्ते में पेड़ की डाल पर लगा ततैयों का बड़ा छत्ता अचानक मां-बेटी के ऊपर गिर गया। छत्ता गिरते ही ततैयों का झुंड दोनों पर टूट पड़ा। बेटी को बचाने के लिए इंद्रावती ने उसे नीचे रखकर अपने शरीर से ढक लिया। आसपास सफाई कर रहे सफाईकर्मी भी मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों को ततैयों से बचाया।हमले में लक्ष्मी के शरीर पर कई जगह ततैयों के डंक लग गए थे। गंभीर हालत में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान शनिवार रात बच्ची ने दम तोड़ दिया।लक्ष्मी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। धर्मराज की एक बड़ी बेटी करीब छह वर्ष की है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

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