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Friday, 9 October 2026

टेट अनिवार्यता के मुद्दे पर टीएफआई ने सांसद को सौंपा मांग पत्र

दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन आफ़ इंडिया (टीएफआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता को समाप्त कराने से जुड़े मुद्दे को लेकर सांसद को एक मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित की गई न्यूनतम योग्यता के नियमों से संबंधित है, जिसमें संगठन ने संसद द्वारा इसे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) में पूरी तरह सम्मिलित कराने की मांग की है।इस ज्ञापन में द गैजेट ऑफ इंडिया के सेक्शन 23 का संदर्भ दिया गया है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए तय शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य होता है परंतु पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता नहीं है। इसके साथ ही पत्र में 10 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन का भी विशेष उल्लेख किया गया है। सांसद ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय हैं। वह हमेशा शिक्षकों के संघर्ष में साथ रहे हैं। सांसद ने विश्वास दिलाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न विसंगतियों को दूर कराने के लिए वह संसद में मुद्दा उठाएँगे और संसद से बाहर भी पूरा सहयोग करेंगे। टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने हमेशा शिक्षक हितों की सुरक्षा के लिए कार्य किया है। दिल्ली धरने में भी पहुंचकर सांसद ने शिक्षकों को संबल प्रदान किया था। कहा कि शिक्षकों को विश्वास है कि सांसद जी के सहयोग से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्रम में संगठन के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता मिलने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला कार्यसमिति के पदाधिकारियों सहित समस्त ब्लॉक कार्यसमिति व संघर्ष समिति के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

लेखक
asif.ali27march
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