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Saturday, 10 October 2026

टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने सांसद जगदंबिका पाल को सौंपा ज्ञापन

दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर।उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ, सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा एवं जिला महामंत्री अवधेश कुमार सिंह के नेतृत्व में रविवार को प्रांतीय आह्वान पर शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल को टेट अनिवार्यता कानून के विरोध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग की गई।शिक्षक संघ ने ज्ञापन में कहा कि आरटीई लागू होने से पहले तत्कालीन नियमों एवं निर्धारित अर्हताओं के आधार पर नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू किए गए टेट जैसे प्रावधानों को लागू करना न्यायोचित नहीं है। संगठन का कहना है कि नियुक्ति के समय जो नियम प्रभावी थे, उन्हीं के आधार पर शिक्षकों की सेवा का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।जिलाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को नए कानून के दायरे में लाना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं विधायी स्तर पर इस व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की।जिला महामंत्री अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि 1 सितंबर 2025 को सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के बाद शिक्षकों में भय और असमंजस का माहौल है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे का शीघ्र एवं न्यायसंगत समाधान निकालने की अपील की। बस्ती मंडल महामंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया तो लाखों शिक्षक परिवार प्रभावित होंगे।सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह इस गंभीर विषय को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे तथा शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के मंडल अध्यक्ष हरिमोहन सिंह श्रीनेत ने कहा कि 20 से 25 वर्षों से समर्पण और अनुभव के साथ शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों पर नई अनिवार्यताएं लागू करना उचित नहीं है। वहीं यूटा के जिलाध्यक्ष अभय कुमार पांडेय ने कहा कि नियुक्ति के समय अस्तित्व में नहीं रहे प्रावधानों को वर्षों बाद लागू करना शिक्षकों के सम्मान और स्वाभिमान को प्रभावित करता है।यूटा के जिला महामंत्री प्रकाश नाथ त्रिपाठी ने केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री से इस विषय का स्थायी एवं न्यायपूर्ण समाधान निकालने के लिए आवश्यक विधायी पहल करने की मांग की, ताकि शिक्षकों का सम्मान, मनोबल और शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनी रहे।इस अवसर पर अतीउल्लाह, वीरेंद्र बहादुर तिवारी, विनोद बजाज, संजीव यादव, इमामुद्दीन, वेद प्रकाश, दिनेश चौधरी, राजकुमार, अरुण तिवारी, पवन कुमार गौड़ सहित जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। नगरपालिका चेयरमैन गोविंद माधव भी शिक्षक हित में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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asif.ali27march
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