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Saturday, 10 October 2026

डेढ़ माह बाद सिद्धार्थनगर को मिला नया सीएमओ, डॉ. संजय दोहरे ने संभाली जिम्मेदारी

दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर। जिले के स्वास्थ्य विभाग को करीब डेढ़ महीने बाद स्थायी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मिल गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने संयुक्त निदेशक ग्रेड के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे को सिद्धार्थनगर का नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया है। चिकित्सा अनुभाग-2 की ओर से 10 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में उन्हें तत्काल प्रभाव से पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। डॉ. संजय कुमार दोहरे इससे पहले लखनऊ स्थित वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर कार्यरत थे। वह प्रादेशिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में संयुक्त निदेशक ग्रेड के चिकित्साधिकारी हैं। चिकित्सकीय सेवा के साथ उन्हें प्रशासनिक कार्यों का भी अनुभव है। शासन की ओर से उन्हें सीमावर्ती जिले सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में सीएमओ का पद 30 जून 2026 को तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया का कार्यकाल समाप्त होने के बाद रिक्त हो गया था। नियमित सीएमओ की तैनाती नहीं होने के कारण शासन ने एक जुलाई से जिले में तैनात लेवल-4 चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार को प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। करीब डेढ़ महीने तक स्वास्थ्य विभाग प्रभारी व्यवस्था के तहत संचालित होता रहा। अब डॉ. संजय कुमार दोहरे की नियुक्ति के बाद यह व्यवस्था समाप्त हो गई है। नियमित सीएमओ की तैनाती से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व मिलने की उम्मीद है। नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। नए सीएमओ के समक्ष संचारी रोगों की रोकथाम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, टीकाकरण अभियान को प्रभावी बनाना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी उनके लिए अहम चुनौती होगी। जिले की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती क्षेत्रों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी और दूरस्थ इलाकों तक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

लेखक
asif.ali27march
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