नवजात की मौत, निजी अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप कार्रवाई की मांग
दैनिक बुद्ध का संदेश
डुमरियागंज। डुमरियागंज क्षेत्र के बेंवा चौराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के बाद 24 घंटे के भीतर नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल संचालक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर धनुवाडीह गांव निवासी कल्लू यादव ने बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।शिकायतकर्ता कल्लू यादव ने बताया कि उनकी बहन पुनीता यादव गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उन्हें बेंवा चौराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर पहुंचे। वहां अस्पताल संचालक ने प्रसव में गंभीर स्थिति बताते हुए ऑपरेशन कराने की बात कही। परिजनों की सहमति के बाद दो अक्टूबर की शाम ऑपरेशन किया गया।शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद नवजात शिशु की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने अस्पताल संचालक और चिकित्सकीय स्टाफ से बच्चे को बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन आरोप है कि अस्पताल संचालक ने उन्हें वहीं रोके रखा। इस दौरान नवजात की हालत लगातार बिगड़ती गई। तीन अक्टूबर को नवजात शिशु की मौत हो गई।नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि अस्पताल के संबंध में जानकारी करने पर पता चला कि उसके पास आवश्यक पंजीकरण और वैध दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।वहीं अस्पताल संचालक अल्ताफ ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की ओर से इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। नवजात की मौत के लिए अस्पताल अथवा चिकित्सकीय स्टाफ को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।मामले में बेंवा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही मामले में लापरवाही और अस्पताल के दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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