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Saturday, 10 October 2026

पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक, जनप्रतिनिधियों से लिए गए महत्वपूर्ण सुझाव

दैनिक सत्ता मंत्र
गोन्डा। उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण, सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में आयोग के सदस्य बृजेश कुमार,संतोष कुमार विश्वकर्मा,डॉ. अरविंद कुमार चौरेसिया एवं एस.पी. सिंह उपस्थित रहे।आयोग ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ पहुंचाया जाए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य तथा सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग के आरक्षण से संबंधित विषयों पर सीधे संवाद कर उनके सुझाव प्राप्त किए।इस दौरान आयोग ने पिछड़े वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, भूमि स्वामित्व, भूमिहीन परिवारों की संख्या, आजीविका के स्रोत, सरकारी सेवाओं में भागीदारी तथा स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां संकलित कीं।विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें आयोग ने गंभीरता से अभिलेखित किया।बैठक में पिछड़े वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान, जनजागरूकता बढ़ाने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने कहा कि आयोग का उद्देश्य प्रदेश के पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति का तथ्यपरक अध्ययन कर शासन को स्थानीय निकायों में आरक्षण व्यवस्था के संबंध में व्यवहारिक एवं न्यायसंगत संस्तुतियां उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि गोण्डा जनपद से प्राप्त सुझावों एवं आंकड़ों का गहन परीक्षण करने के बाद आयोग अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को प्रेषित करेगा।बैठक शांतिपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई।अंत में आयोग ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही समाज के सभी वर्गों के हितों का प्रभावी संरक्षण एवं समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।

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asif.ali27march
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