59 साल पुराने मस्जिद-मदरसे पर चला बुलडोजर
दैनिक सत्ता मंत्र
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने आरबिया जियाउल उलूम मदरसे और मस्जिद के अवैध हिस्से पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। करीब दो घंटे चली कार्रवाई में छह बुलडोजरों की मदद से लगभग 9 हजार वर्गफीट हिस्से को ढहा दिया गया। प्रशासन के अनुसार, करीब 14 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने परिसर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा सरकारी जमीन पर था। कार्रवाई में सात कमरे, एक दुकान, मदरसे का हिस्सा और मस्जिद का लगभग आधा हिस्सा ध्वस्त किया गया, जबकि निजी जमीन पर बने हिस्से को छोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान डुमरियागंज की सपा विधायक सैय्यदा खातून, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव समेत 50 से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। पुलिस द्वारा रोकने पर दोनों पक्षों में तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को दूर किया। अधिकारियों के मुताबिक, मदरसे की जमीन के संबंध में वर्ष 2022 में पांच ग्रामीणों ने तहसीलदार न्यायालय में कब्जा हटाने की याचिका दायर की थी। वर्ष 2023 में बेदखली का आदेश जारी हुआ, जिसे मदरसा पक्ष ने डीएम न्यायालय में चुनौती दी। करीब तीन वर्ष चली सुनवाई के बाद 14 अगस्त 2026 को डीएम ने तहसीलदार के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया। तय समय सीमा में कब्जा न हटाए जाने पर मंगलवार को एसडीएम विवेकानंद मिश्र, सीओ डुमरियागंज बृजेश वर्मा और सीओ बांसी सिवेंदु सिंह की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। एसडीएम विवेकानंद मिश्र ने बताया कि सरकारी जमीन पर बने करीब 60 प्रतिशत हिस्से को ध्वस्त किया गया है। उनके अनुसार परिसर में कुल सात दुकानें और 12 कमरे समेत मस्जिद व मदरसा बना था। निजी जमीन पर बने पांच कमरे, आधे मदरसे और आधी मस्जिद को कार्रवाई से बाहर रखा गया है।

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